Wednesday, 21 December 2011

खुशियों की बौछार हो सभी को,
भगवन का आशीर्वाद हो सभीको,
सभी के पास जश्न हो जीत का ,
हे भगवन इतनी कृपा बनाये रखे.......
न हो किसी को कभी गम ,
न हो किसी का प्यार दूर,
जिन्दगी जीने का हक़ पूरा दे सभी को ,
हे भगवन इतनी कृपा बनाये रखे........
हम नादान थे हमसे जो भूल हुई ,
कर छमा फिर से हमको एक रह दे,
सबको मंजिल मिले जाएँ दूर तक ,
हे भगवन इतनी कृपा बनायें रखे.......
 

असहाय मत समझो

निर्बल असहायों को असहाय मत समझो ,
रहते जो पे फुटपाथों पे फुटपाथ मत समझो,
सर्द की कड़कती ठण्ड में रहते जो फुटपाथों  पे ,
बरसात  के मौषम में रहते जो बरसातो में,
निर्बल असहायों को बरसात  मत समझो,
दे  नहीं सकते दो गज जमीं तो उनकी जमीर भी  तो मत छीनो.........
हिंदुस्तान हमारा है कम से कम उनसे ये शब्द तो मत छीनो,
करके जो मजदूरी महल खड़ा कर देता है
नाम होता contractor का मजदूर भुला देते  हो 
कम से कम उन मजदूरों की मजदूरी तो मत छीनो ,
निर्बल असहायों को मजबूर मत समझो,
असहाय मत समझो ................




  
 



Friday, 19 August 2011

जाने वही जिसे चाहती है आंखे

आँखों की बाते कोई न जाने 
कहती कुछ और है और बोलती कुछ और
लेकर अनोखी सी आँखों में आंसू 
समझ में न आए खुशी है या  गम 
चारो तरफ है आंखे ही आंखे
सिर्फ देंखे उसे जिसे चाहती है आंखे
आँखों से ही यार मिला दे 
आँखों से नैना चार करा दे
आँखों की बाते कोई न जाने
जाने वही जिसे जाने ये आंखे
जाने वही जिसे जाने  ये  आंखे

Saturday, 6 August 2011

हो नहीं सकता

हवाओं से अक्सर बुझ जाती है रोशनी ,
बुझती रोशनी को देखकर हम चिराग न जलाएं,
हो नहीं सकता..........
सहिलो पे जाकर अक्सर डूब जाती है कस्तियाँ,
डूबती कश्तियों को देखकर हम कस्ती न चलायें,
हो नहीं सकता ..........
जिन्दगी में मजबूरियां ही मजबूरियां है ,
इन मजबूरियों को देखकर हम जिन्दगी न जियें.
हो नहीं सकता.............
किसी की याद अक्सर रुला दिया करती है,
रोती आँखों को देखकर हम उनको याद न  करें,
हो नहीं सकता.........  

Thursday, 4 August 2011

जिन्दगी भर की खुशियाँ

हर खुशियाँ  खुशी नहीं  देती.....
कुछ गम में भी बदल जाती है ..........
कुछ खुशियों पे ऐतबार किया करते हैं.....
वही जिन्दगी भर आँखों में नमी  दे जाती हैं
मत ले तू दो पल की खुशियाँ .....
जो बाद में गम में तब्दील हो जाये......
गम में ही जी ले दो पल अगर .....
जिन्दगी भर खुशियाँ दे जाये /
-
आशीष कुमार  गुप्ता    

Sunday, 31 July 2011

किसी की अमानत

किसी की सादगी किसी की मोहब्बत बन गयी ,
किसी की जिन्दगी किसी के हिफाजत हो गयी ,
प्यार नहीं करना चाहता पहले से कोई........ ,
बस किसी का दिल किसी की अमानत हो गयी/
 

मेरे सुनने वालो

किसी को किसी का प्यार चाहिए....,
किसी को किसी का दिलदार चाहिए,
पर ऐ मेरे सुनने वालो हमें तो........,
 बस आप सबका आशीर्वाद चाहिए /

जज्बा

जब दिल में जज्बा हो कुछ कर दिखने की,
तो राहे अपने आप आसान हो जाती है..... ,
दुश्मन मिलते है लाख मगर .........
वक़्त आने पर उनकी दुश्मनी भी दोस्ती में बदल जाती है...../

ये भी एक अदा है

आपका ये आना, आकर मुस्कुराना ......
फिर मेरे दिल का मचलना और नज़रे मिलाना......
ये भी एक अदा है.......
मेरा आपको देखकर सबकुछ भूलना ,फिर भी 
चाहते हुए भी  कुछ न कह पाना ,
फिर भी आपका मुस्कुराना 
ये भी एक अदा है ......
आपकी आँखों में डूबना और आपसे बाते करना ,
तब भी आपसे प्यार का इजहार न करना ,
फिर भी आपका मुस्कुराना 
ये भी एक अदा है ......
अपनी चाहत को छुपाना ,और आपका समझना ,
फिर भी कुछ न कह पाना,और आपका मुस्कुराना ,
ये भी एक अदा है.............

this is my first poetry ,written on 26 jan 2011

                              देशप्रेम 
धरती की तरह हम भी सारा बोझ उठा लेंगे ,
सूरज की किरणों की तरह नाम कम लेंगे ,
आई जो आंच तिरंगे पे तो सर कलम कर देंगे,
ये आवाज़ नहीं एक लड़के की ,
ये आवाज़ है हिन्दुस्तानी की .....,
चाहे तुम अजमा लेना,
ये आवाज़ है भारतवासी की......... ,
सोचा जो तुमने कुछ गलत भारत की आन पे ,
तेरे कदमो पे रख दूंगा तेरा सर उतार के,
साथी न कोई चाहिए ,
न चाहिए हमको प्यार ,
देना है तो दे देना बस आशीष मेरे यार /
जय हिंद जय भारत /