देशप्रेम
सूरज की किरणों की तरह नाम कम लेंगे ,
आई जो आंच तिरंगे पे तो सर कलम कर देंगे,
ये आवाज़ नहीं एक लड़के की ,
ये आवाज़ है हिन्दुस्तानी की .....,
चाहे तुम अजमा लेना,
ये आवाज़ है भारतवासी की......... ,
सोचा जो तुमने कुछ गलत भारत की आन पे ,
तेरे कदमो पे रख दूंगा तेरा सर उतार के,
साथी न कोई चाहिए ,
न चाहिए हमको प्यार ,
देना है तो दे देना बस आशीष मेरे यार /
जय हिंद जय भारत /
really,,,,,, this z really a very gr8 poetry...... well done.... ashish......... what a gr8 starting this is!!!!!!!!!!!!!!!
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