Sunday, 18 December 2016
Tuesday, 8 November 2016
Thursday, 6 October 2016
मत पड़ इनकी राहों में
मत पड़ इनकी राहों में ,
गम ही गम है इनकी हवाओं में।
अभी संभल गए तो ठीक
वर्ना फिर शायर बन दूसरो को समझाओगे।
गम ही गम है इनकी हवाओं में।
अभी संभल गए तो ठीक
वर्ना फिर शायर बन दूसरो को समझाओगे।
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