Wednesday, 21 December 2011

खुशियों की बौछार हो सभी को,
भगवन का आशीर्वाद हो सभीको,
सभी के पास जश्न हो जीत का ,
हे भगवन इतनी कृपा बनाये रखे.......
न हो किसी को कभी गम ,
न हो किसी का प्यार दूर,
जिन्दगी जीने का हक़ पूरा दे सभी को ,
हे भगवन इतनी कृपा बनाये रखे........
हम नादान थे हमसे जो भूल हुई ,
कर छमा फिर से हमको एक रह दे,
सबको मंजिल मिले जाएँ दूर तक ,
हे भगवन इतनी कृपा बनायें रखे.......
 

असहाय मत समझो

निर्बल असहायों को असहाय मत समझो ,
रहते जो पे फुटपाथों पे फुटपाथ मत समझो,
सर्द की कड़कती ठण्ड में रहते जो फुटपाथों  पे ,
बरसात  के मौषम में रहते जो बरसातो में,
निर्बल असहायों को बरसात  मत समझो,
दे  नहीं सकते दो गज जमीं तो उनकी जमीर भी  तो मत छीनो.........
हिंदुस्तान हमारा है कम से कम उनसे ये शब्द तो मत छीनो,
करके जो मजदूरी महल खड़ा कर देता है
नाम होता contractor का मजदूर भुला देते  हो 
कम से कम उन मजदूरों की मजदूरी तो मत छीनो ,
निर्बल असहायों को मजबूर मत समझो,
असहाय मत समझो ................